Wednesday, December 19, 2012

यह एक कानूनी वक्त है

ऐसी बहुत सी बातें
जो हम तो जानते है, कानून नहीं जानता
मसलन, जो पैदा हुआ सो मरेगा ज़रूर
या चोर चोर मौसेरे भाई होते हैं।

कानून एक प्रक्रिया से काम करता है
कानून निर्णय लेता है
सबूतों और गवाहों के मद्देनज़र
और हम यकीन रखते हैं कानून पर
पर कानून को इस बात में दिलचस्पी नहीं हो सकती
कि लोग बदनीयत और बेईमान होते हैं
क्योंकि जो लोग निष्पक्ष और प्रतिबद्ध होते हैं
वे और कुछ नहीं हो सकते
अपने आजू-बाजू बैठे लोगों को देखिए
जिनकी बेईमानी और बदकारी जानते हैं
फिर भी आप कह नहीं सकते

यह एक कानूनी वक्त है
जब नीति और आचार के मुद्दे दकियानूसी
और कानूनी अत्याचार को
सत्य कहते हैं
प्रसंगतः एक और कथा कानून के विषय में
कि कानून के जानकार बडे होशियार होते हैं
गोकि वे बहुत पैसा बनाते हैं
पैसा बनाना गैर कानूनी नहीं,
इसलिए बुरा भी नहीं
तभी तो आज के राजे अपनी औलादों को
गण और गणिका बनाते हैं
जो ढेरों पैसे बनाते हैं
नाचना गाना भी गैर कानूनी नहीं ..

2 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

कानून दि‍ल से नहीं लि‍खे जाते न

Onkar said...

प्रभावी कविता