Monday, November 12, 2012

दीपावली

आज रौशनी का त्योहार
सजा हुआ सारा संसार ॥

सोनू ने घर खूब सजाया
फूलों का सा महल बनाया
मोनू के जी को भी भाया
झटपट वापस घर को आया

मैं भी घर चमकाऊँगा
फिर मैं इसे सजाऊँगा
दीपू, गुड्डू, मीनू, माया
सबको डेकोरेशन भाया

सबके घर सज आए ऐसे
नई नवेली गुडिया जैसे
रंग बिरंगे सुन्दर कपडे
पहन सजे ये सुन्दर मुखडे

खूब मिठाई भी खाएंगे
मित्रों के घर भी जाएंगे
दीया जोत जलाएंगे ये
प्यार स्नेह बिखराएंगे ये

नहीं पटाखे शोर नहीं अब
वायु प्रदूषण और नहीं अब

है यह दीपों का त्योहार
खुश है अब सारा संसार ॥
[बाल कविता]

4 comments:

ई. प्रदीप कुमार साहनी said...

आपके इस प्रविष्टि की चर्चा कल बुधवार (14-12-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी । जरुर पधारें ।
सूचनार्थ ।

mahendra mishra said...

दीपोत्सव पर्व के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आतिशबाजी का नहीं, ये पावन त्यौहार।।
लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।
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(¯*•๑۩۞۩:♥♥ :|| दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें || ♥♥ :۩۞۩๑•*¯)
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Reena Maurya said...

बहुत ही सुन्दर बालकविता...
:-)